रुत है सुहानी बादल छाए रे
मुकेश और साथी
रुत है सुहानी, रुत है सुहानी, रुत है सुहानी, रुत है सुहानी
बादल छाए रे
हम तो सजन परदेस से आए रे
आए रे आए रे
रुत है सुहानी, रुत है सुहानी, रुत है सुहानी, रुत है सुहानी
मुकेश
छम-छम छम-छम बरसत पानी
भीग के क्या निखरी है जवानी
मुकेश और साथी
छम-छम छम-छम बरसत पानी
भीग के क्या निखरी है जवानी
मुकेश
मस्त पवन ये राग सुनाए रे
मुकेश और साथी
हम तो सजन परदेस से आए रे
आए... रे...आए... रे
रुत है सुहानी, रुत है सुहानी, रुत है सुहानी, रुत है सुहानी
मुकेश
पायल सोए गीत जगाए
तोरे नैनन मा काजल मुस्काए
मुकेश और साथी
पायल सोए गीत जगाए
तोरे नैनन मा काजल मुस्काए
मुकेश
दिल की धड़कन ये समझाए रे
मुकेश और साथी
हम तो सजन परदेस से आए रे
आए... रे...आए... रे
रुत है सुहानी, रुत है सुहानी, रुत है सुहानी, रुत है सुहानी
मुकेश
दिल की बात छुपाने वाले
देख के यूँ शरमाने वाले
मुकेश और साथी
दिल की बात छुपाने वाले
देख के यूँ शरमाने वाले
मुकेश
चितवन देते हैं बतलाए रे
मुकेश और साथी
हम तो सजन परदेस से आए रे
आए... रे…आए... रे
रुत है सुहानी, रुत है सुहानी, रुत है सुहानी, रुत है सुहानी